डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर। ग्रामीण भारत के समग्र और सतत विकास के उद्देश्य से जनपद के प्रत्येक विकासखंड स्तर पर “ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 570 कृषकों ने प्रतिभाग कर ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।उप कृषि निदेशक प्रमोद  सिरोही ने बताया कि इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किसानों,जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत देश की आत्मा है और इसके सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है।प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल संपर्क,कृषि नवाचार,स्वरोजगार तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं।उन्होंने ग्रामीण परिवर्तन को केवल आधारभूत ढांचे के विकास तक सीमित न मानते हुए इसे सामाजिक,आर्थिक और तकनीकी बदलाव का व्यापक अभियान बताया।उन्होंने ग्राम पंचायतों,स्वयं सहायता समूहों,युवाओं और किसानों की सक्रिय भागीदारी को इस परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के गांव आत्मनिर्भरता और नवाचार के केंद्र बनेंगे।प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास,स्थानीय उद्यमिता,प्राकृतिक खेती,जल संरक्षण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष बल दिया।कार्यक्रम के दौरान जनपद के सभी विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों,किसानों,स्वयं सहायता समूहों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सरकार की विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण परिवर्तन के इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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