हरिद्वार। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच ने मणिकर्णिका घाट का मूल स्वरूप नहीं बदलने की मांग की है।लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर महामंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेलूराम प्रधान ने प्रैस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट का पुनः निर्माण कराया जा रहा है। पुनः निर्माण के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की व उनके द्वारा निर्मित मूर्तियों और मंदिरों को तोड़ दिया गया।पुनःनिर्माण की प्रक्रिया में मणिकर्णिका घाट के मूल स्वरूप को भी बिगाड़ा जा रहा है।जिससे पूरे समाज की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है।तेलूराम प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में देवी अहिल्याबाई होल्कर की टूटी हुई मूर्तियों को दिखाया गया है।वीडियो को यूपी सरकार द्वारा एआई निर्मित बताया गया है।वीडियो एआई निर्मित है तो वीडियो बनाने वालों पर कार्रवाई की जाए और यदि वीडियो वास्तविक है तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए तथा अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।उन्होंने कहा कि पूरे भारत में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित एवं जीर्णोद्धार किए गए मंदिरों,घाटों,प्याऊ,धर्मशाला,विद्यालय,गौशाला आदि का मूल स्वरूप और नाम ना हटाया जाए और ना बिगाड़ा ना जाए।तेलूराम प्रधान ने कहा कि इस संबंध में मंच की और से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा। इस दौरान कृष्णपाल धनगर,अमित धनगर,सतीशचंद्र,नकली सिंह,विकास धनगर,़उमेश पाल, राधेश्याम पाल,प्रदीप पाल,शिवचरण पाल,पंकज पाल,भूषण पाल,संजय पाल,सत्यपाल ,नरेशपाल,गुलाब सिंह,तेजपाल,देवेंद्र धनगर,स्वामी सुशांत पुरी,राजेश कुमार पाल,सुनील, ओमपाल,नेपाल,जितेंद्र पाल,मोहित पाल,सतिंदर पाल,सुरेंद्र सिंह,रोहित पाल,अनिकेत पाल, कालूराम,सचिन पाल,सुलेख पाल सहित हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से आए पदाधिकारियों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया।
