हरिद्वार। हरिद्वार लिटरेचर फेस्टिवल का समापन साहित्य और शायरी से सजे एक यादगार सत्र के साथ संपन्न हो गया।फेस्टिवल का अंतिम सत्र पद्मश्री सम्मानित शायर नीम काफ़ निज़ाम से गुफ़्तगू पर केंद्रित रहा।नीम काफ़ निज़ाम ने कहा ज़बान का कोई महजब नहीं होता है गंगा जमुनी संस्कृति हमारी सबसे बड़ी ताकत है।उन्होंने कहा कि भटकना शायर का मुकद्दर है वेद और शेश्र दोनो के एक ही अर्थ हैं।संवाद सत्र के दौरान शायर अम्बर खरबंदा,दिलदार देहलवी और ए.एस.कुशवाह ने अपनेचुनिंदा शेर पढ़कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।सत्र का संचालन प्रो.समीना खान ने किया।फेस्टिवल का समापन समारोह आयोजित किया गया।समापन समारोह में फेस्टिवल निदेशक प्रो.श्रवण कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों,साहित्यकारों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।अन्त प्रवाह सोसायटी के सचिव संजय हांडा ने कहा कि अन्तप्रवाह सोसायटी का उद्देश्य साहित्य को आम जनमानस तक पहुंचाना है।उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति ज्ञापित की।इस अवसर पर डॉ.करुणा शर्मा,डॉ.निधि हांडा,डॉ.निशांत,डॉ.मुकेश गुप्ता,डॉ.रीना वर्मा,मुदित शर्मा,डॉ.राम मोहन पांडे सहित अनेक प्रतिभागी उपस्थित रहे।
