हरिद्वार। अर्द्धकम्भ मेला-2027 को कुंभ मेले की तर्ज पर दिव्य व भव्य मनाये जाने के सम्बन्ध में हुई बैठक में नही बुलाये जाने से नाराज कुछ संतो ने रविवार को बैठक कर नाराजगी जाहिर करते हुए एक संगठन बनाने की घोषणा की है। बताते चले कि शुक्रवार को डामकोठी के समीप गंगातट पर सरकार की ओर से अखिल भारतीय अखाडा परिषद के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गयी थी। उक्त बैठक में सभी संतो,आश्रमों के अध्यक्षों को नही बुलाये जाने पर संतो ने नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री संग अखाड़ा परिषद की बैठक में आश्रमों के संतों ने सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में आश्रमधारी/स्थानधारी संतों की पूरी उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। आश्रमधारी/ स्थानधारी संतों का कहना हैं कि सरकार ने केवल अखाडा परिषद के पदाधिकारियों को ही अर्द्धकुम्भ मेले के सदर्भ में बुलाई गयी बैठक में बुलाया गया,अन्य संतों की उपेक्षा की गयी। जिसको लेकर आश्रमधारी/स्थानधारी संतों ने आज देवपुरा स्थित भारत सेवाश्रम में बैठक कर अपनी नारागी व्यक्त की है। बैठक में मौजूद सभी संतों ने अखिल भारतीय आश्रम परिषद के शीघ्र गठन पर अपनी सहमति जताई है। जिसके लिए संतों ने पांच प्रतिनिधि सदस्यों के नियुक्त करने की बात कही है।बता दें कि अर्द्धकुम्भ मेला-2027 के सम्बंध में बुलाई गयी बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत शासन-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे थे। अखाडा परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद सीएम द्वारा अर्द्धकम्भ मेला-2027 को कुंभ मेले की तर्ज पर दिव्य व भव्य मनाने घोषणा करते हुए स्नान तिथियों भी घोषित की गई थी।सीएम की घोषणा का अखाडा परिषद ने स्वागत करते हुए समर्थन किया था।
