हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में विभागवार योजनाओं की प्रगति, व्यय हुई धनराशि एवं लंबित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने निर्देश दिये कि जिन कार्यों में देरी हो रही है,उन्हें तुरंत शुरू कर निर्धारित समय में पूर्ण करें।उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें,ताकि योजनाओं की प्रभावशीलता का सही मूल्यांकन किया जा सके।उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं का कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया जाएगा,उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।उन्होंने कृषि,उद्यान,मत्स्य,सहकारिता, पंचायतीराज,पर्यटन,खेल, सिंचाई एवं वन विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।उन्होंने बीस सूत्रीय कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा की,जिन विभागों की डी,श्रेणी,सी श्रेणी की मदों में है,उन्हें प्रत्येक दशा में ए श्रेणी लाना सुनिश्चित किया जाए,उन विभागों को शीघ्र ही कार्य प्रणाली सुधारने के दिए निर्देश।उन्हें चेतावनी दी कि लक्ष्यपूर्ति में कोई भी कोताही बरती तो बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर.के.सिंह, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी,अपर सांख्यकी अधिकारी सुभाष शाक्य,डीओ पीआरडी प्रमोद चंद पांडे,परियोजना निर्देशक उरेडा वाई एस बिष्ट,महाप्रबंधक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी,जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना आदि सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
