हरिद्वार। मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को हरिद्वार जनपद की तीन तहसीलों में पांच स्थानों पर व्यापक मॉक ड्रिल की गई।राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह अभ्यास कराया।ड्रिल के दौरान हरकी पैड़ी पर गंगा का जलस्तर बढ़ने से श्रद्धालुओं के डूबने, श्यामपुर कांगड़ी में बाढ़ का पानी आबादी में घुसने,भीमगौड़ा रेलवे टनल के पास भारी वर्षा से पत्थर गिरकर ट्रैक बाधित होने,लक्सर के गंगदासपुर में तटबंध टूटने और शिवपुरी गांव में जलभराव की काल्पनिक स्थितियां बनाई गईं।सुबह 11बजे जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम सक्रिय हो गया।एडीएम ने जिला स्तर से निगरानी की,जबकि संबंधित एसडीएम ने इंसीडेंट कमांडर की जिम्मेदारी संभाली।एनडीआरएफ,पुलिस,अग्निशमन,स्वास्थ्य,राजस्व,होमगार्ड,पीआरडी,लोनिवि की टीमों ने एसओपी के तहत कार्रवाई की।अभ्यास में हरकी पैड़ी से 16लोगों को डूबने से बचाया गया,भीमगौड़ा टनल हादसे में 9घायलों का प्राथमिक उपचार हुआ और शिवपुरी में नदी का जलस्तर बढ़ने पर फंसे 30लोगों को सुरक्षित निकाला गया।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कंट्रोल रूम में समीक्षा के दौरान कहा कि सभी विभागों ने रिस्पॉन्स टाइम के भीतर जिम्मेदारी निभाई।उन्होंने कहा,आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया,बेहतर समन्वय और संसाधनों का सही उपयोग सबसे अहम है।नियमित मॉक ड्रिल से तंत्र मजबूत होता है और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी पुख्ता होती है।मॉक ड्रिल में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर,एडीएम वैभव गुप्ता,सीएमओ आरके सिंह,परियोजना निदेशक नलिनीत घिल्डियाल,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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