हरिद्वार। देवभूमि रजत जयंती सप्ताह के अंतर्गत राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने यहां एक होटल में पत्रकारों के साथ वार्ता के दौरान राज्य के गौरवशाली इतिहास,राज्य निर्माण हेतु हुए आंदोलनों के साथ ही विगत 25वर्षों में राज्य में हुए विकास व हासिल मुकाम एवम् उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश में प्रथम राज्य बना उत्तराखण्ड।राज्य में सशक्त भूकानून,सख्त धर्मान्तरण विरोधी कानून, सख्त नकल विरोधी कानून, एवं दंगारोधी कानून हुआ लागू।राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी नौकरियों में 10प्रतिशत एवं राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण हुआ लागू। सहकारी प्रबंध समितियों में महिलाओं के लिए 33प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था हुई सुनिश्चित।बीते 4वर्षों में 26,000 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी।राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26गुना बढ़ा है।प्रति व्यक्ति आय 17गुना बढ़ी है।राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में अर्थव्यवस्था का आकार 14501 करोड़ था,जो 2024-25 में बढ़कर 378240 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति आमदनी भी बढ़कर 274064 होने का अनुमान है।जबकि वर्ष 2000 में प्रति व्यक्ति आय 15285 थी।राज्य गठन के समय उत्तराखंड का बजट 4500 करोड़ के करीब था। जबकि वर्ष 2025-26 के लिए कुल एक लाख करोड़ से अधिक बजट का प्रावधान किया गया है। कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अन्तर्गत 48मन्दिरों तथा गुरूद्वारों को सर्किट के रूप में जोड़ने का कार्य,बद्रीनाथ धाम को स्मार्ट अध्यात्मिक पहाडी कस्बे के रूप में विकसित करने हेतु रू0 255.00करोड़ की विकास योजनाओं का कार्य गतिमान है।राज्य में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य तेज गति से गतिमान। अब तक 70प्रतिशत कार्य हुआ पूर्ण हो चुका है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला/स्वयं सहायता समूहों को रूपए 5लाख तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 1.53लाख लखपति दीदी बनाई गई।वाइब्रेट विलेज प्रोग्राम के अन्तर्गत सीमांत के 51गांवों का चयन कर किया जा रहा सुनियोजित विकास।ऊधमसिंहनगर जनपद के खुरपिया फार्म किच्छा में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पलायन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत अल्प,लघु एवं दीर्घकालीन योजनायें बनाकर विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जा रहा है। वार्ता के दौरान अन्य लोग भी उपस्थित थे।

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