चंडीगढ़ ,02 मई । आम आदमी पार्टी से भाजपा में विलय करने के बाद राज्यसभा सांसदों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब में इन सांसदों के खिलाफ लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। राघव चड्ढा के साथ भाजपा में जाने वाले सांसद संदीप पाठक के खिलाफ भी पंजाब सरकार एक्शन में है। उनके खिलाफ 2 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें गैर-जमानती धाराओं को भी शामिल किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई आप से भाजपा में जाते ही शुरू हो गई थी।
सूत्रों के अनुसार, ये एफआईआर पंजाब के दो जिलों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के मामलों में दर्ज की गई हैं। अब उनपर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है। गौरतलब है कि पंजाब पुलिस की एक टीम संदीप पाठक के नई दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची थी, लेकिन अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही वह घर से निकल गए।
इससे पहले पंजाब से राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता की ट्राइडेंट ग्रुप की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की रेड हुई थी। इस दौरान प्लांट और आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से चेकिंग की गई थी।
संदीप पाठक को आप के प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता था। पंजाब में पार्टी की सरकार बनने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। बीते 24 अप्रैल आप सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। इनके अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता भी भाजपा में शामिल हुए।
राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सभापति ने इन 7 बागी सांसदों को भाजपा में शामिल होने की मान्यता दे दी है। इसके साथ ही उच्च सदन में भाजपा सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।
