हरिद्वार। राज्य स्थापना रजत जयन्ती सप्ताह के अवसर पर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम कौशिक आर्ट्स एंड क्रिएशन के कलाकारों के नाम रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वन्दना के साथ की गई,कौशिक आर्ट्स के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी।कलाकारों में यू.के.जी.से ग्यारहवीं कक्षा तक के बच्चों ने प्रतिभाग किया। कौशिक आर्ट्स एंड क्रिएशन की प्रबन्धक श्रीमती रश्मि गौड़ के नेतृत्व में सभी कलाकार आये थे। श्रीमती रश्मि गौड़ ने बताया कि कौशिक आर्ट्स एंड क्रिएशन हरिद्वार में 1988 से सक्रिय है और इसकी संस्थापक श्रीमती नीता कौशिक हैं। संस्था का उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को पारंपरिक एवं सम्पन्न लोक कलाओं,नृत्य विधाओं,आदि के विषय में जागरूक करना एवं इन कलाओं में प्रवीण बनाना है।कार्यक्रम का संचालन डॉ.नरेश चौधरी द्वारा किया गया,उन्होंने प्रतिभाशाली कलाकारों का खूब मनोबल बढ़ाया। कॉलेज परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा दीन दयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत शक्ति स्वयं सहायता समूहों की स्टॉल भी लगी।अचार,पापड़,सेवई,शहद,घी,कपड़े के बैग,गरम कपड़े-शॉल,कोट, लेगिन्स, मफलर,जैकेट आदि के स्टॉलों से खरीददारी हुई। यहाँ का प्रमुख आकर्षण नशामुक्ति के अभिनन्दन की एस.एच.जी.की उत्तराखण्ड के चारधाम की स्टॉल रही।निर्मला मिशन प्रबन्धक ,छत्स्ड,सहायक परियोजना निदेशक सुश्री साक्षी नौटियाल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की स्टॉल वोकल फॉर लोकल के विचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाई गई है। स्थानीय निवासियों को यहाँ आकर इन स्टॉलों का भ्रमण कर स्वदेशी उत्पादों की खरीद कर अधिक प्रचार करना चाहिए।स्टॉलों की प्रभारी सुश्री नालिनी खिड़ियाल ने कहा कि स्वदेशी से स्वदेशी शुद्ध उत्पाद खरीदकर गरीब शहरी एवं ग्रामीण परिवारों की आय संवर्धन में भी योगदान दिया जाना ग्राहकों को आत्मसंतोष की अनुभूति कराने वाला होगा,यह स्टॉल 9 नवम्बर तक रहेंगे।

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