हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के अन्तर्गत संचालित द्विवर्षीय एम.पी.एड.पाठ्यक्रम के प्रशिक्षु छात्रों का शैक्षिक भ्रमण कैंप तथा बी.पी.एड. पाठयक्रम के प्रशिक्षु छात्रों का लीडरशिप कैंप वैदिक गुरुकुल कण्वाश्रम,कोटद्वार के लिए रवाना हुआ।कैंप दल को अपने शुभकामनाये संदेश मे कुलपति प्रो.प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि कठिनाइयों मे सफल होने की युक्ति का नाम कैम्प है। विषमताओं मे समदर्शी बनकर जनकल्याण की भावना को संजोए रखने के गुण को कैम्प के माध्यम से विकसित किया जा सकता है।उन्होने शिक्षण संस्थानों मे कैम्पों के आयोजन को प्राथमिकता प्रदान करने की जरूरत बताया।कैंप की 2-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए कुलसचिव प्रो.सत्यदेव निगमालंकार ने छात्रों को जीवन मे अनुशासन एवं वैदिक परम्पराओं का पालन करते हुए जीवन मे सत्य को धारण करने तथा असत्य को छोडने के लिए सदैव तैयार रहने तथा इसके बल से सफलता प्राप्त करने का मूलमंत्र प्रदान किया।कैम्प के संयोजक डॉ.शिवकुमार चौहान ने बताया कि 24.से 26.अप्रैल तक आयोजित यह तीन दिवसीय कैंप प्रशिक्षु छात्रों के पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग है,जिसमे प्रतिभागी छात्रों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके पाठ्यक्रम अवधि पूर्ण करने से पूर्व मूल्यांकन हेतु प्रस्तुत करनी आवश्यक होती है।विभाग प्रभारी डॉ.अजय मलिक ने बताया कि कैंप की व्यवस्थाओं के लिए एक 7-सदस्य दल एडवांस पार्टी के रूप मे व्यवस्थाओं को पूर्ण करने के लिए एक दिन पूर्व कैंप स्थल पर पहुँच गया है।कैम्प मे प्रशिक्षु छात्रों को श्रद्धानंद हाउस,दयानंद हाउस,पं.लेखराम हाउस तथा पं.गुरुदत्त हाउस को चार शिक्षकों-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के संरक्षण मे आवंटित किया गया है।जिसमे डॉ.कपिल मिश्रा,डॉ.प्रणवीर सिंह,सुनील कुमार तथा कुलदीप चन्द रतूडी को सभी हाउस के इंचार्ज का दायित्व प्रदान किया गया। कैंप मुख्य संयोजक का दायित्व डॉ.शिवकुमार चौहान को प्रदान किया गया है।डॉ.कपिल मिश्रा ने बताया कि व्यक्तित्व विकास एवं परिस्थिति विषमताओं मे धैर्यवान बने रहना जरूरी है और कैम्प इसी लक्ष्य को आत्मसात करने की प्रक्रिया है।डॉ.प्रणवीर सिंह ने कहा कि कैंप छात्रों मे नेतृत्व शीलता के गुण को विकसित करता है,सुनील कुमार ने कहा कि कैम्प के माध्यम से प्रशिक्षु छात्रों मे जिम्मेदारी निर्वहन एवं कार्यक्रम आयोजित करने की कला सीखने का मौका प्राप्त होता है।कैम्प मे प्रशिक्षु अध्यापक तीन दिनों तक अपनी प्रयोगात्मक एवं कमांड से जुड़ी गतिविधियों के साथ ट्रेकिंग,हाईकिंग,ट्रेजर हंट,सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रमणीय स्थलों का भ्रमण करते हुए स्थलीय महत्व को अपने प्रोजेक्ट मे संकलित करते हुए रिपोर्ट तैयार करेगे।

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