हरिद्वार। परिवहन विभाग,उत्तराखण्ड द्वारा हीरो मोटर कार्प के सीएसआर कार्यक्रम राइड सेफ इण्डिया के अंतर्गत,उप क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के सहयोग से“सुरक्षित साथी रोड सेफ्टी एवं इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन आज हरिद्वार स्थित एक स्थानीय होटल में किया गया।जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान,संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ.अनीता चमोला,संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी,सीओ ट्रैफिक बिपेंदर सिंह ,प्लांट एचआर हेड पंकज भट्ट,प्लांट हेड सुनील कुमार मौजूद रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सभी वाहन चालकों को नियमों का पालन करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि अपनी जान से ज्यादा दूसरों को जान की सुरक्षा बहुत जरूरी है,इसके लिए यह जरूरी है कि सावधानी से वाहन चलाए ,किसी भी दशा में वाहन तेज रफ्तार से न चलाए एवं वाहन चलाते समय किसी भी दशा में मोबाइल का प्रयोग न किया जाए,अधिकतर दुर्घटनाएं वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने से हो रही है।उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन पर बात न करने,ओवर स्पीड न हो एवं यातायात नियमों का पालन करने से ही सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट का उपयोग हर हाल में करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में कोई व्यक्ति घायल होता है,तो उसे तुरंत नज़दीकी चिकित्सालय में पहुंचने में मदद करे,किसी व्यक्ति की जान बचाना किसी पुण्य से कम नहीं है।उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं है,बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।दुर्घटनाओं में‘गोल्डन ऑवर’के दौरान सही और त्वरित सहायता अनेक जीवन बचा सकती है।इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ एक जिम्मेदार और संवेदनशील यातायात संस्कृति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है।इस प्रकार की पहलें प्रदेश में दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक सिद्ध होंगी।अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान ने कहा कि जिस उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है,उसका सभी को नियमों का पालन करना ज़रूरी है।उन्होंने कहा कि ओवर टेक एवं तेज रफ्तार के कारण ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हो रही है साथ ही उन्होंने कहा कि हैं सभी को यह शपथ लेनी चाहिए कि न ओवरटेक करेंगे,न तेज़ रफ्तार से वाहन चलाएंगे।तभी सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।सुरक्षित साथी”पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क उपयोगकर्ताओं-जैसे डिलीवरी पार्टनर्स,ड्राइवर एवं अन्य गिग वर्कर्स को सुरक्षित ड्राइविंग,यातायात अनुशासन एवं आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षित करना है।इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 500प्रतिभागियों को निम्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया-जिम्मेदार एवं सुरक्षित वाहन संचालन,सड़क सुरक्षा नियमों का पालन,“गोल्डन ऑवर” के महत्व की जानकारी,प्राथमिक उपचार एवं दुर्घटना के समय त्वरित प्रतिक्रिया।कार्यक्रम में दो तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा द्वारा प्रतिभागियों को सुरक्षित साथी सेफ्टी किट एवं हेलमेट वितरित किए गए, जिससे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को और सुदृढ़ किया जा सके।कार्यक्रम का समापन संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा ने करते हुए इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाते हैं,बल्कि एक प्रशिक्षित और उत्तरदायी समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे सीखी गई जानकारियों को व्यवहार में लाएं तथा अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के सम्मान एवं प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।इस पहल से प्रशिक्षित प्रतिभागी भविष्य में सड़क पर “सुरक्षित साथी” के रूप में कार्य करते हुए न केवल स्वयं सुरक्षित रहेंगे,बल्कि अन्य लोगों की सहायता कर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में योगदान देंगे।इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी नेहा झा,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन रुड़की कृष्ण चंद्र पलारिया,सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन रुड़की जितेन्द्र चन्द,परिवहन कर आधिकारी वरुणा सैनी,हीरो मोटरकॉप की सीएसआर प्रमुख सुश्री सोनिका चोपड़ा सहित परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे

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