अलीगढ़ । इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर भारत में विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने अपना दुख और गुस्सा जाहिर किया।  विश्वविद्यालय परिसर के अंदर स्थानीय लोग भी छात्रों के विरोध में शामिल हुए। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद हमने दोपहर में और फिर रात में प्रदर्शन किया। हम आगे भी विरोध करते रहेंगे और अपनी आवाज उठाएंगे। प्रदर्शनकारी ने कहा, मैं इजरायल और अमेरिका को बताना चाहता हूं कि ईरान पर उनके हमले का मतलब यह नहीं है कि देश खत्म हो जाएगा। ईरान मजबूती से खड़ा रहेगा और मजबूती से जवाब देगा। खामेनेई ने दिखा दिया है कि वह कभी नहीं झुकेंगे।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम यहां खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे इंसानियत के नेता थे।
इससे पहले, राजधानी लखनऊ में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर आए और खामेनेई की मौत पर दुख व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने पुराना लखनऊ के बाजार तीन दिनों तक बंद रखने का भी फैसला लिया। ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा को भी इस अवधि के दौरान बंद रखने का निर्णय लिया गया।
शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हम सभी इंसानियत पसंद लोगों से अपील करते हैं कि वे इस गम के मौके पर अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करें।
शिया समुदाय के सदस्यों ने बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा पर खामेनेई के पोस्टर लगाए। शोक के प्रतीक के रूप में काले झंडे फहराए गए और कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। विरोध के प्रतीक के तौर पर छोटा इमामबाड़ा के मुख्य द्वार पर इजरायल और अमेरिकी झंडे जमीन पर रखे गए।

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