हल्द्वानी। हल्द्वानी-काठगोदाम एवं रामनगर के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं के अंतिम रूप देने हेतु मल्टी स्टॉक होल्डर वर्किंग गू्रप की बैठक 26फ़रवरी को मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान,राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन,नगर निगम,सिंचाई विभाग,वन विभाग,जल संस्थान तथा नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और दोनों नगरों के लिए शहरी नदी प्रबंधन योजना के दस उद्देश्यों के अनुरूप प्रस्तावित हस्तक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की।वर्तमान में हल्द्वानी- काठगोदाम हेतु कुल 22प्रस्तावित हस्तक्षेपों के क्रियान्वयन के लिए लगभग 28करोड़ की परिकल्पित लागत,जबकि रामनगर में कुल 18प्रस्तावित हस्तक्षेपों हेतु लगभग 77करोड़ के कार्य प्रस्तावित हैं।सीडीओ ने अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने, फीकल स्लज प्रबंधन व्यवस्था को सशक्त बनाने,निजी सेस वाहन संचालकों के पंजीकरण तथा ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।बैठक के दौरान राज्य स्वच्छ गंगा मिशन,नमामि गंगे से मॉनिटरिंग विशेषज्ञ रोहित जयाड़ा द्वारा सुझाव दिया गया कि ड्राफ्ट हस्तक्षेपों/ प्रस्तावित कार्यों हेतु अनुमानित लागत संबंधित विभागों द्वारा औपचारिक रूप से प्राप्त की जाए, जिससे कार्यों की व्यवहार्यता,प्राथमिकता निर्धारण एवं चरणबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।बैठक में सामुदायिक सहभागिता एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।विद्यार्थियों द्वारा गोला रीवर एवं कोसी रीवर में ठोस अपशिष्ट प्रदूषण के समाधान हेतु इंटर-कॉलेज हैकाथॉन जैसे नवाचारी सुझाव प्रस्तुत किए।बैठक का समापन नदी सुधार एवं शहरी पारिस्थितिकी संरक्षण हेतु लक्षित उपायों पर सर्वसम्मति के साथ हुआ।

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