देहरादून। जिलाधिकारी कार्यालय में निजी स्कूल की शिक्षिका ने अपनी नन्ही बेटियों संग पहुंचकर जिलाधिकारी सविन बंसल का धन्यवाद किया। जिले के प्रतिष्ठित स्कूल का प्रकरण हैं जहां स्कूल प्रबन्धन शिक्षिका 2माह का वेतन व सुरक्षा राशि रोकने के साथ ही अनुभव प्रमाण पत्र जारी नही कर रहा था। डीएम ने संज्ञान लिया तो स्कूल प्रबन्धन ने रातोरात शिक्षिका वेतन जारी कर दिया। विगत जनता दर्शन में निजी स्कूल में शिक्षण कार्य करा रही कनिका मदान ने जिलाधिकारी सविन बसंल से गुहार लगाई थी,जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को तत्काल कार्यवाही करते हुए वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे, जिसके क्रम में शिक्षिका का लंबित वेतन सुरक्षा धनराशि के चेक 2 दिन के जारी कर दिए गए थे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा पूर्व में जारी अनुभव प्रमाण पत्र में उल्लेख नही किया गया था कि कनिका स्कूल में किस पद पर थी जबकि कनिका ने बताया कि वह इन्टरमीडिएट तक के बच्चों को पढाती थी।जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लिया स्कूल प्रबन्धन पुनःप्रमाण अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है।जिसके क्रम में 2दिन के भीतर स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका के लंबित भुगतान चेक जारी कर दिया। जिलाधिकारी सविन बंसल जनहित असहाय, व्यथितों शोषितों के प्रकरण कड़े एक्शन के लिए जाने जाते हैं अपनी कार्य प्रवृत्ति के अनुसार निरंतर बड़े निर्णय ले रहे है।कनिका मदान को 2माह का वेतन भुगतान के चेक धनराशि रू0 78966जारी करते हुए अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है।असहाय,व्यथितों, शोषितों के हितार्थ जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के अंजाम सर्वविधित है इसका फिर एकबार ताजा उदाहरण निजी स्कूल की शिक्षिका कनिका मदान के मामले में आया है।जिला प्रशासन की इस नई कार्यशैली से असहाय व्यथितों को निर्णय की आस बढ रही है,जिससे जिलाधिकारी के जनदर्शन के अतिरिक्त कार्यालय में अपनी समस्याओं के समाधान फरियादियों की संख्या निरंतर बढ रही है जिसमें 40-50लोग प्रतिदिन जिलाधिकारी के कक्ष में अपनी समस्याओं को लेकर मिलते है,उनको समयबद्ध समाधान मिल रहा है।
