देहरादून। राज्यसभा सांसद डॉ.नरेश बंसल ने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को शानदार,दमदार,आम आदमी की सोच वाला तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है।’डॉ.नरेश बंसल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण रहा, क्योंकि आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया।यह वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का लगातार नौवां बजट रहा,जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह 15वां बजट है। डॉ.बंसल ने कहा कि आमजन के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह केंद्रीय बजट तीन संकल्पों से सुसज्जित है।वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया,जिसका कुल आकार 53.5लाख करोड़ रुपये है,जबकि पिछले वर्ष का बजट 50.65लाख करोड़ रुपये का था।डॉ.बंसल ने कहा कि गरीब कल्याण के संकल्प के साथ तैयार किया गया यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह बजट ऐसे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ अवसर सभी की पहुँच में होंगे। पिछड़ों, दलितों और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि विकास की इस यात्रा में कोई भी पीछे न छूटे।महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और‘एक जिला,एक उत्पाद’पहल के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।डॉ.नरेश बंसल ने कहा कि वित्त मंत्री ने बजट में उल्लेख किया है कि भारत में वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग की जब भी चर्चा होगी,उत्तराखंड का नाम शीर्ष पर होगा।मोदी सरकार एवं राज्य सरकार का विजन दुर्गम मार्गों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का है। यह केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं,बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक आध्यात्मिक अनुभव भी है।उन्होंने कहा कि यह बजट और इससे जुड़ी योजनाएँ देश की बहनों को ‘आर्थिक शक्ति’ बनाने के लिए समर्पित हैं।डॉ.नरेश बंसल ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट ऐसे समय में प्रस्तुत किया गया है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है।भू-राजनीतिक तनाव,कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव,प्रमुख केंद्रीय बैंकों की असमान मौद्रिक नीतियाँ और बढ़ता व्यापार विखंडन भविष्य की संभावनाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
