केवट लीला और भरत मिलाप के भावपूर्ण मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर

— जय श्रीराम के जयघोष से गूंजे रामलीला पंडाल

— केवट की भक्ति और भरत के त्याग, प्रेम व समर्पण का सजीव चित्रण बना आकर्षण का केंद्र

सहारनपुर। जिले में विभिन्न स्थानों पर आयोजित रामलीलाओं प्रभु श्री राम के वन गमन और भरत मिलाप का मंचन किया गया इसके साथ ही महाराजा दशरथ ने श्री राम के वियोग में अपने प्राण त्याग दिए तो दर्शकों की आंखें भी नाम हो गई। इसके अलावा केवट लीला का भी सुंदर मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से भगवान श्रीराम के प्रति केवट की अटूट भक्ति और भरत के त्याग, प्रेम एवं समर्पण को सजीव कर दिया। मंचन के दौरान दर्शक भावविभोर हो उठे और रामलीला पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठे।
रेलवे टी-2 कॉलोनी में भारतीय कला संगम रामलीला सभा के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में केवट लीला और भरत मिलाप का सुंदर मंचन किया गया। कलाकारों ने दोनों प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर दर्शकों को भावुक कर दिया। इस अवसर पर सभा के अध्यक्ष जसबीर मोगा, मंच संचालक सुरेंद्र मोगा, निर्देशक अनिरुद्ध गुरु, विधि गुरु, विमल मेहता, चेतन शर्मा और अभिषेक अरोड़ा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
वहीं, गोविंदनगर मैदान में भारतीय कला मंच रामलीला सभा की ओर से भी केवट लीला और भरत मिलाप का मंचन किया गया। इस दौरान सभा के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, महामंत्री वरुण शर्मा, मनीष शर्मा, नीरज शर्मा और वीर सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा जुबली पार्क, गांधी पार्क, रामलीला भवन, लेबर कॉलोनी और हकीकतनगर में भी रामलीला के इन प्रसंगों का मंचन किया गया।
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केवट की निष्काम भक्ति ने दिया समर्पण का संदेश
सहारनपुर। मानवीय कल्याण समिति लेबर कॉलोनी की ओर से आयोजित श्रीरामलीला में केवट लीला का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनमोहक मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और केवट के बीच संवाद ने दर्शकों को भक्ति और श्रद्धा के भाव से भर दिया। कलाकारों ने केवट की निष्कपट सेवा, अटूट विश्वास और प्रभु के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
लीला के माध्यम से संदेश दिया गया कि सच्ची भक्ति में पद, प्रतिष्ठा और धन का कोई महत्व नहीं होता, बल्कि निर्मल हृदय, श्रद्धा और निस्वार्थ सेवा ही सर्वोपरि हैं। मंचन के दौरान दर्शक भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन नजर आए।
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भरत मिलाप ने दिखाई भाईचारे और त्याग की मिसाल
सहारनपुर। भरत मिलाप के प्रसंग में भगवान श्रीराम और भरत के बीच अटूट प्रेम, त्याग, सम्मान और समर्पण का मार्मिक चित्रण किया गया। अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति भरत की श्रद्धा और प्रेम ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस प्रसंग ने परिवार में प्रेम, आपसी विश्वास, त्याग और रिश्तों की गरिमा बनाए रखने का प्रेरणादायक संदेश दिया।
मानवीय कल्याण समिति की ओर से आयोजित रामलीला धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय माध्यम बनी हुई है। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के सहयोग से रामायण के विभिन्न प्रसंगों का भव्य मंचन किया जा रहा है।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष प्रदीप कपिल, महामंत्री विश्वनाथ तिवारी, कोषाध्यक्ष संजय राय, संयोजक ठाकुर रामाशंकर सिंह, उमेश कश्यप, संदीप रावत, राजेंद्र गुप्ता गर्ग, सतेंद्र रावत, कमल श्रीवास्तव, डॉ. अश्वनी शर्मा, डॉ. मोहित शर्मा और प्रकाश पांडेय सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। मंच का संचालन विजय गुप्ता और एडवोकेट सतीश चौधरी ने किया।
समिति के पदाधिकारियों ने दर्शकों एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, प्रेम, सेवा और समर्पण के संदेश को समाज तक पहुंचाना समिति का प्रमुख उद्देश्य है।

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