हरिद्वार। हरिद्वार स्थित गायत्री विद्यापीठ के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव उत्सव-2025 का सोमवार शुभारंभ हुआ।गायत्रीकुंज के सात्विक और अनुशासित वातावरण में हुए इस आयोजन ने नौनिहालों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।समारोह का उद्घाटन देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पंड्या तथा गायत्री विद्यापीठ की व्यवस्था मण्डल प्रमुख श्रीमती शैफाली पंड्या ने दीप प्रज्वलन और ध्वजारोहण कर किया। कार्यक्रम का आरंभ ओजस्वी राष्ट्रभक्ति गीत के साथ हुआ,जिसने पूरे वातावरण में देशभक्ति का जोश भर दिया। इसके बाद मैदान में उपस्थित नौनिहालों ने तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच शानदार मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।उद्घाटन के अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ.पंड्या ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल भावना मनुष्य को अनुशासन,एकता और आत्मविश्वास प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं,बल्कि व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास है,जिसमें खेलकूद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सभी बच्चों को हर गतिविधि में पूरे मनोयोग से भाग लेने की शपथ दिलाई। श्रीमती शैफाली पंड्या ने विद्यापीठ द्वारा बच्चों को सुसंस्कृत बनाने के प्रयासों की सराहना की।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बच्चों ने रिमझिम रिमझिम बारिश, बम बम भोली,युग राम राज का आ गया जैसे गीतों पर मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किए। अनेकता में एकता विषय पर की गई प्रस्तुति में नौनिहालों ने समूह नृत्य के माध्यम से लघु भारत की शानदार झलक प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।वार्षिकोत्सव के पहले दिन विभिन्न एथलेटिक प्रतियोगिताएँ दौड़,नीबू दौड़,योग-प्रदर्शन तथा बालक-बालिकाओं की अलग -अलग खेल गतिविधियाँ आयोजित की गईं।बच्चों ने अपनी प्रतिभा और उत्साह का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यालय परिवार,अभिभावकों और आगंतुकों ने भी बच्चों की प्रतिभा की सराहना की।
इन बच्चों का रहा प्रदर्शन उत्कृष्ट
निकुंज,कंचन,युगनीत,पार्थ,वेदांत,मानवी,हर्ष,प्राची,आर्यन लक्ष्य,केशव,दीपक,कुशल,ओजस्वी,स्वधा, प्रखर,अवनी,विहान,चेतन प्रतिज्ञा,अहान,परमीत,शिवांश,भावेश,आरोही,कार्तिक,आद्या सिंह,शौर्य, कविता,शिवांश,लक्ष्य,खुशी,नंदगिरि,अदिति,यथर्व योगिता कविन्द्र आदि।इन विजयी छात्र-छात्राओं को गायत्री विद्यापीठ की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं मेडल से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
