औषधि महानियंत्रक से मिला अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल, दवा बिक्री व वितरण व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग
सहारनपुर। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिभूषण सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने औषधि महानियंत्रक से मुलाकात कर देश की दवा एवं औषधि व्यवस्था में सुधार से जुड़ी विभिन्न मांगें रखीं। संगठन ने दवाओं की बिक्री एवं वितरण में पंजीकृत फार्मासिस्टों की भूमिका सुनिश्चित करने के साथ ही शेड्यूल एच के प्रावधानों को समाप्त करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शेड्यूल एच के प्रावधानों का दुरुपयोग होने के कारण कई स्थानों पर गैर-पेशेवर लोगों द्वारा दवाओं की बिक्री की जा रही है। इससे मरीजों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। एसोसिएशन ने दवा बिक्री व्यवस्था को सख्त करने तथा योग्य एवं पंजीकृत फार्मासिस्टों की भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की। बैठक में अस्पतालों में दवा वितरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कई सरकारी एवं निजी अस्पतालों में अप्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से मरीजों को दवाएं वितरित की जा रही हैं। संगठन ने दवा वितरण का कार्य पंजीकृत फार्मासिस्टों से कराया जाना अनिवार्य करने की मांग की, ताकि दवाओं के वितरण में होने वाली गलतियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
एसोसिएशन ने थोक एवं फुटकर दवा अनुज्ञापत्रों के अनुपात को निर्धारित करने का प्रस्ताव भी रखा। संगठन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में एक थोक अनुज्ञापत्र पर 10 फुटकर अनुज्ञापत्र तथा शहरी क्षेत्रों में एक थोक अनुज्ञापत्र पर सात फुटकर अनुज्ञापत्र का अनुपात निर्धारित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि इससे दवा बाजार में संतुलन कायम करने में मदद मिलेगी।
बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। औषधि महानियंत्रक की ओर से बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन औषधि केंद्र खोले जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रतिनिधिमंडल ने इन केंद्रों में फार्मासिस्टों की भूमिका बढ़ाने तथा उनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार औषधि महानियंत्रक ने संगठन की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उचित स्तर पर विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अनुज कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।इस संस्करण में “लाइसेंस” की जगह “अनुज्ञापत्र”, “आईटी सेल” की जगह “सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ” जैसे हिंदी शब्द रखे गए हैं।
