हरिद्वार। पवित्र श्रावण मास की कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। शनिवार आधी रात के बाद से ही लाखों की संख्या में डाक कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटने लगे हैं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से हरिद्वार से मेरठ तक का पूरा राष्ट्रीय राजमार्ग शिवमय हो उठा है।जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने यात्रा को सुगम,सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कमर कस ली है।जिलाधिकारी ’मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर स्वयं जीरो ग्राउंड पर डेरा डालकर 24 घंटे व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।प्रशासन के अनुसार डाक कांवड़ यात्रा का अंतिम चरण आज से शुरू हो चुका है। 10 अगस्त की रात तक डाक कांवड़ियों की सबसे बड़ी भीड़ वापसी करेगी। इसी कारण हरिद्वार-मेरठ हाईवे पर वाहनों और पैदल कांवड़ियों का भारी दबाव है। पुलिस ने 5 अगस्त से ही भारी वाहनों और टू-व्हीलर के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। ैैच् नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि भारी वाहनों को बैरागी कैंप और दक्ष द्वीप की ओर तथा टू-व्हीलर को गड्ढा पार्किंग, दीनदयाल पार्किंग रोडीबेलवाला और पंतदीप पार्किंग में भेजा जा रहा है।पार्किंग स्थलों पर प्रवेश-निकासी को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जीरो ग्राउंड से मोतीचूर तक हाईवे का स्थलीय निरीक्षण किया।उन्होंने शंकराचार्य चौक पर संचालित स्वास्थ्य शिविर का भी जायजा लिया और उपचार करा रहे कांवड़ियों से सुविधाओं की जानकारी ली।स्वास्थ्य शिविर के डॉक्टरों को निर्देश दिए गए कि चोटिल या बीमार कांवड़ियों का तत्काल उपचार किया जाए।एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में भी पूरी मुस्तैदी बरती जाए।भीड़ प्रबंधन,यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है।जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी यातायात गाइडलाइन और रूट डायवर्जन का पालन करें।अपने वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें।इससे न केवल आपकी यात्रा सुरक्षित होगी बल्कि अन्य शिवभक्तों को भी सुविधा मिलेगी।निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह,एडिशनल एसपी रेनू लोहानी,सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे।ज्ञात रहे कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है।शिवभक्त हरिद्वार,गौमुख,गंगोत्री आदि स्थानों से गंगाजल लेकर अपने- अपने शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं।डाक कांवड़िए बिना रुके तेज गति से जल लेकर चलते हैं,इसलिए उनके लिए विशेष यातायात और सुरक्षा प्रबंध किए जाते हैं। इस वर्ष प्रशासन ने ड्रोन, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेले क्षेत्र पर नजर रखी हुई है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *