हरिद्वार। श्रावण मास का प्रसिद्ध कांवड़ मेला अपने चरम की ओर तेजी से अग्रसर है। मेले के दौरान भीड़ बढ़ने के साथ प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी से जुटा है।कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को अपर पुलिस महानिदेशक,अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ.वी.मुरुगेशन हरिद्वार पहुंचे।डॉ.मुरुगेशन ने सबसे पहले सीसीआर स्थित मेला कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।इसके बाद सीसीटीवी कंट्रोल रूम से जिले के प्रमुख मार्गों,कांवड़ पटरी और भीड़ वाले क्षेत्रों की यातायात व सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा।मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने एडीजी लॉ एण्ड आर्डर को वर्तमान में लागू यातायात प्लान,हाईवे और कांवड़ पटरी की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ अब तक जल लेकर अपने गंतव्य को रवाना हो चुके कांवड़ियों की संख्या की विस्तृत जानकारी दी।डॉ.मुरुगेशन ने एसएसपी हरिद्वार और एसपी ट्रैफिक निशा यादव को निर्देश दिए कि डाक कांवड़ के दौरान आने वाले वाहनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक व डायवर्जन प्लान तुरंत एक्टिव किया जाए।साथ ही पार्किंग स्थलों से वाहनों की सुगम निकासी सुनिश्चित करने और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए।जिलाधिकारी और एसएसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाएं देख रहे हैं। बढ़ती भीड़ के बीच इस बार कुछ दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं।कांवड़ मेले के दौरान कई स्थानों पर दुर्घटनाएं और कांवड़ियों के गंगा में डूबने की घटनाएं हुई हैं,जिनमें कुछ कांवड़ियों की जान भी चली गई।इन घटनाओं को रोकने के लिए एसडीआरएफ और तैराक पुलिस के जवान घाटों पर 24घंटे तैनात हैं।बचाव दल ने अब तक कई कांवड़ियों की जान बचाई है और खतरनाक घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ लगातार गश्त की जा रही है।प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों से ही चलें,नदी में स्नान के दौरान सावधानी बरतें और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का पालन करें ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
