— 22 साल पुराने मामले में अदालत का फैसला
— पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
(वीर वालिया)
सहारनपुर। गैंगस्टर एक्ट के करीब 22 साल पुराने मामले में अदालत ने अभियुक्त जस्सी को दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत की गई प्रभावी पैरवी के चलते अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश कक्ष संख्या-12 की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने अभियुक्त पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, मामला थाना सदर बाजार क्षेत्र का है। 29 सितंबर 2004 को तत्कालीन थाना सदर बाजार के एसओ राजपाल सिंह की सूचना पर जस्सी पुत्र बालचन्द निवासी हिम्मतनगर, थाना सदर बाजार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि अभियुक्त ने संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक लाभ के लिए अपराध किए और जनता में भय का माहौल पैदा किया। इस मामले में थाना सदर बाजार पर मुकदमा अपराध संख्या 371/2004, धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश कक्ष संख्या-12 की अदालत में एसटी संख्या 1023/2025 के तहत चल रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के अंतर्गत चिन्हित मॉनिटरिंग सेल ने मामले में प्रभावी पैरवी की। पुलिस की ओर से की गई सशक्त पैरवी और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त जस्सी को दोषसिद्ध ठहराते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
— सशक्त पैरवी में इनकी रही भूमिका
मामले में शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मेघराज सिंह चौहान ने पैरवी की। विवेचक निरीक्षक आलोक सिंह, थाना मंडी सहारनपुर तथा पैरोकार हेड कांस्टेबल मोहित कुमार, थाना सदर बाजार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुराने आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
