हरिद्वार। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण झा का मंगवार देर शाम निधन हो गया। 64 वर्षीय प्रवीण झा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।देहरादून के श्रीमहंत इंद्रेश अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।उनके निधन की खबर से हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखण्ड के पत्रकारिता जगत और पुरोहित समाज में शोक की लहर दौड़ गई।बुधवार को कनखल स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।उनके बड़े बेटे कार्तिक झा ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।इस दौरान उनके छोटे बेटे प्रणव झा,भाई अमित झा,भतीजे उदित झा सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।अंतिम संस्कार के अवसर पर श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ,श्रीकांत वशिष्ठ,अश्वनी शर्मा ,सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार,अविक्षित रमन सहित पुरोहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।उन्होंने प्रवीण झा के निधन को पुरोहित समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। बड़ी संख्या में पत्रकार भी अपने साथी को अंतिम विदाई देने पहुंचे।प्रेस क्लब हरिद्वार के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,महासचिव सूर्यकांत बेलवाल,पूर्व अध्यक्ष अमित शर्मा,सुनील दत्त पांडेय, प्रदीप जोशी,अमित कुमार,दीपक नौटियाल,चंद्र शेखर जोशी,प्रशांत शर्मा,विकास तिवारी, स्वरूप पूरी,राहुल वर्मा,सुनील पाल,डा.शिवशंकर जायसवाल,बृजेंद्र हर्ष,जोगेंद्र मावी,राज कुमार,सुनील मिश्रा,मनोज खन्ना,काशीराम सैनी,अरुण मिश्रा,वासुदेव,के.के.त्रिपाठी,आवेश, नवीन चौहान,मेहताब आलम,सचिन पालीवाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।विधायक आदेश चौहान ने भी श्मशान घाट पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।प्रेस क्लब ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।पत्रकारों ने कहा कि प्रवीण झा का जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक युग का अंत है।उन्होंने हमेशा निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की मिसाल पेश की।युवा पत्रकारों को उनका मार्गदर्शन हमेशा याद रहेगा।मूल रूप से पेशे से पुरोहित रहे प्रवीण झा ने पत्रकारिता को अपना कर्मक्षेत्र बनाया,अपनी लेखनी,मृदुभाषी व्यक्तित्व और वाकपटुता से अलग पहचान बनाई।वह अपने ज्ञान,अनुभव और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे।पत्रकारिता में उनकी पकड़ और खबरों को समझने की गहरी दृष्टि के कारण युवा पत्रकार उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते थे।प्रवीण झा का पत्रकारिता का सफर काफी लंबा रहा।उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत में दैनिक जागरण सहित कई पत्र-पत्रिकाओं से जुड़कर कार्य किया। वर्ष 2007 में वह राष्ट्रीय सहारा से जुड़े और तब से लगातार हरिद्वार के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत रहे।लगभग 18वर्षों तक उन्होंने राष्ट्रीय सहारा का हरिद्वार में नेतृत्व किया और अखबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।सरल स्वभाव और सभी से घुलमिल कर रहने वाले प्रवीण झा केवल पत्रकार ही नहीं,बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़े व्यक्ति थे।धर्मनगरी हरिद्वार के पुरोहित समाज में भी उनका गहरा सम्मान था।पुरोहित परिवार से होने के कारण गंगा सभा और तीर्थ पुरोहितों से उनका आत्मीय जुड़ाव था।उनके निधन से पुरोहित समाज ने भी एक अनुभवी और मार्गदर्शक को खो दिया है।
