महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चैधरी ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस के आरोपों पर रखा पार्टी का पक्ष
सहारनपुर। भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पाश्र्वनाथ सिटी, दिल्ली रोड पर आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह एवं जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चैधरी ने कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर पार्टी का पक्ष रखा। प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई एवं जिला अध्यक्ष अजीत राणा भी मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से 26 सितंबर को दी गई जानकारी का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने अपने प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिया जाना बताया है। साथ ही मतदाताओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त समय, सहायता केंद्र और घर-घर जाकर सहायता जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी और तथ्यों को देखना आवश्यक है। उन्होंने एसआईआर की वैधानिकता से जुड़े मामले में 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी उल्लेख किया। वक्ताओं के अनुसार न्यायालय के समक्ष बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित मामले में निर्वाचन आयोग के अधिकार और प्रक्रिया पर विचार किया गया था। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर राजनीतिक आरोपों के बजाय न्यायिक निर्णय और आधिकारिक तथ्यों को जनता के सामने रखना उचित है। प्रेस वार्ता में कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर कांग्रेस की ओर से किए गए दावों पर भी सवाल उठाए गए। भाजपा नेताओं ने कहा कि किसी समाचार रिपोर्ट या पत्र की व्याख्या करने से पहले मूल दस्तावेज और संबंधित संस्था का आधिकारिक पक्ष देखना चाहिए। इसी तरह मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 को लेकर भी उन्होंने कहा कि यह मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया का स्थापित हिस्सा है और नागरिक आधिकारिक मतदाता सेवा व्यवस्था के माध्यम से इससे संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर किसी नागरिक को आपत्ति या शिकायत है तो उसके लिए निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों से राजनीतिक दलों का सहमत या असहमत होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन किसी संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाते समय ठोस तथ्य सामने रखना आवश्यक है।
प्रेस वार्ता में राहुल गांधी के चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर पूर्व में दिए गए बयानों का भी भाजपा नेताओं ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सार्वजनिक बहस तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए तथा निर्वाचन आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरणों को भी सार्वजनिक विमर्श में स्थान मिलना चाहिए।
प्रेस वार्ता के समापन पर महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह एवं जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चैधरी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े विषयों पर चर्चा तथ्यों, आधिकारिक दस्तावेजों और न्यायिक निर्णयों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने विचार और नीतियां तथ्यों के साथ जनता के सामने रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, जिला अध्यक्ष अजीत राणा सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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