हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास,संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में 57वां राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस हर्षाेल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा,राष्ट्र निर्माण,महिला सशक्तिकरण एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर प्रो. संगीता मदान,एनएसएस समन्वयक ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास,उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।डॉ.विनीत विश्नोई ,डॉ.मयंक पोखरियाल एवं डॉ.नवीन,एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों ने कार्यक्रम का सुचारू रूप से संचालन किया तथा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।इस अवसर पर समविश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.लूथरा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एनएसएस से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत यात्रा एवं अनुभव साझा किए।उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया तथा समाज सेवा,अनुशासन,नेतृत्व और राष्ट्रीयता की भावना को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एस.पी.सिंह एवं विशिष्ट अतिथि सुनीता रावत उपस्थित रहे।एस.पी.सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एनएसएस के मूल उद्देश्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और स्वयंसेवकों को समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट अतिथि सुनीता रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय एवं पारंपरिक सभ्यता- संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने रामायण के प्रसंग के माध्यम से एकता और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।उन्होंने बताया कि जिस प्रकार एक छोटी-सी गिलहरी ने भी रामसेतु निर्माण में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया,उसी प्रकार समाज और राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण होता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।इसमें कुमाऊंनी नृत्य,गढ़वाली नृत्य,गिद्धा एवं सरस्वती वंदना ने सभी का मन मोह लिया।विद्यार्थियों द्वारा नशा मुक्ति एवं महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर नुक्कड़ नाटिका प्रस्तुत की गई।नुक्कड़ नाटिका के माध्यम से समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के दुष्परिणामों तथा महिलाओं के अधिकार,सम्मान एवं सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
