हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के साथ हरिद्वार में श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम,सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।हरकी पैड़ी को केंद्र में रखते हुए प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक बेहतर पैदल संपर्क विकसित करने की दिशा में पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ तैयार किए जा रहे हैं।इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ वाले मार्गों पर सुरक्षित और व्यवस्थित पैदल आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।भगत सिंह चौक से बिल्केश्वर-मंसा देवी मार्ग तक लगभग 6500मीटर लंबाई में पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ का निर्माण तेजी से जारी है।इसके लिए 7.84करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।पीआईयू,लोक निर्माण विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना में रेज्ड फुटपाथ विकसित करने के साथ ही मार्ग के आसपास लंबे समय से जमा मलबे को हटाकर पैदल यात्रियों के लिए व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान तैयार किए जा रहे हैं।योजना के तहत भगत सिंह चौक से रेलवे अंडरपास की ओर जाने वाले क्षेत्र में भी आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे ।मार्ग को सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए उपयुक्त स्थानों पर ग्रीन प्लांटर एरिया विकसित करने का प्रावधान है।इससे पैदल आवागमन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होने के साथ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।बिल्केश्वर मंदिर मार्ग पर दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स का निर्माण,क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों का पुनर्निर्माण तथा मां मंसा देवी मार्ग का सुधारीकरण भी योजना का हिस्सा है।योजना में रेलवे अंडरपास के समीप स्थित तिराहे की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है।रेलवे विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण के बाद बनी सहमति के अनुसार यहां साइड की दीवार को कुछ पीछे करते हुए निर्माण किया जाएगा। इससे तिराहे पर मार्ग की चौड़ाई बढ़ेगी और वाहनों के आवागमन एवं मोड़ लेने में सुविधा होगी।कुंभ के दौरान हरकी पैड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इन धार्मिक स्थलों की ओर जाने की संभावना को देखते हुए पैदल मार्गों को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में यह कार्य महत्वपूर्ण है।इसके साथ ही हरिद्वार के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी पैडिस्ट्रियन फ्रेंडली फुटपाथ विकसित किए जा रहे हैं।कुंभ मेला- 2027 के लिए विकसित की जा रही व्यवस्थाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दी जा रही है।पैदल मार्गों का सुनियोजित विकास इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा है।इससे कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और भविष्य में भी हरिद्वार शहर में पैदल आवागमन के लिए बेहतर आधारभूत सुविधा उपलब्ध रहेगी।
