हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आत्महत्या की रोकथाम,मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा संकट की स्थिति में समय पर सहायता प्राप्त करने के महत्व के प्रति विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को संवेदनशील बनाना था।प्रो.अरुण कुमार,विभागाध्यक्ष,मनोविज्ञान विभाग,ने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम केवल मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों में दिखाई देने वाले भावनात्मक संकट के संकेतों को गंभीरता से लें तथा जरूरत पड़ने पर व्यक्ति को उचित सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं।कार्यक्रम में इंटरैक्शन सेशन एवं वाद-विवाद में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक दबाव,शैक्षणिक तनाव और आत्महत्या की रोकथाम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्हें संवेदनशील परिस्थितियों में व्यक्ति को सुनने, समझने और उचित सहायता तक पहुंचाने के व्यावहारिक उपाय बताए।कार्यक्रम में प्रो.राकेश जैन,प्रो.अरुण कुमार,विभागाध्यक्ष,मनोविज्ञान विभाग,डॉ.अजीत तोमर,डॉ.दीपक सिंह,डॉ.विक्रम सिंह, श्रुति सिंह सहित अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं विभाग के सदस्यों ने भाग लिया।
