सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर आज सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। ज्ञातव्य हो कि कोर्ट के आदेश के बाद रातभर चली कार्रवाई में मस्जिद की सीलिंग प्रक्रिया पूरी की गई । सुबह मस्जिद को गिराने की कार्यवाही को अमल में लाया गयौ कार्रवाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी। कलेक्ट्रेट के सभी 5-प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं और आसपास 10 से ज्यादा थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस ने सपा, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से जुड़े कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया है। कुछ पार्षदों को भी पुलिस ने घरों में नजरबंद किया है। वहीं अरबी मदरसे के आसपास भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि रात से ही सहारनपुर के कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने लोगों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील की थी। अधिकारियों ने भी लगातार लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत की जा रही है। मौके पर अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मौके पर पहुंचे डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद इस मामले में न्यायालय में अपील की गई थी, लेकिन अपील खारिज होने के बाद सरकारी भूमि को खाली कराने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीआईजी ने कहा कि पूरी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने और शहर में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि मौके पर पांच बटालियन पीएसी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस अधिकारियों की निगरानी लगातार बनी हुई है।प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
वहीं दूसरी ओर कलक्ट्रेट स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की खबर सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद हाजी फज़लूर्रहमान ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि मस्जिद को शहीद किए जाने की खबर मीडिया के माध्यम से मिली, जो बेहद पीड़ादायक है। पूर्व सांसद ने प्रशासन के फैसले को जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि मस्जिद पक्ष को हाईकोर्ट में अपनी बात रखने का पर्याप्त समय मिलना चाहिए था। यही इंसाफ का तकाज़ा था, उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठकर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। साथ ही लोगों से अमन-चैन और भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की गई!!सस
