देहरादून। सेटर फॉर बिजनेस इन्यूबेशन एंड इनोवेशन (सीबीआई) शिवालिक विश्वविद्यालय, देहरादून द्वारा 20 से 22अगस्त तक एमएसएमई हैकाथॉन 6.0का सफल आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस हैकाथॉन ने विद्यर्थियों नवर्प्तकों.उद्यमियों तथा उभरते स्टार्टअप्स को अपने नवाचार,तकनीकी समाधानों और वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित विचारों को प्रस्तृत करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।इस हैकाथॉन में कुल 30टीमों ने प्रतिभाग किया,जिसमें शिवालिक विश्विद्यालय की टीमों के साथ.साथ विभिन्न लघुस्तरीय स्टा्टअप्स एवं उभरते उद्यमी समूहं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।प्रतिभागियों ने सामाजिक ,औद्योगिक.तकनीकी एवं व्यावसायिक चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न नवाचारी एवं तकनीक- आधारित समाधान प्रस्तुत किए।हैकाथॉन का उदेशय नवाचार,उद्यमिता समस्या-समाधान की क्षमता तथा तकनडीशिकात को खाव देनाऔर प्रतिभागियों को अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान एवं संभावित व्यावसायिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर प्रदान करना था। हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागी टीमों के विचारों एवं प्रोजेक्ट्स क उद्योग एवं अकादमिक क्षेत् के 15विशेषज्ञ नर्णयकं के पैनल द्वारा किया गया।क्षितिज जेन के साथ उद्योग एवं शिक्षण जगत से जुड़े 14 अन्य प्रतिष्ठित विशेषज्ञं ने निर्णायक मंडल के रूप में प्रतिभागी टीमों का विस्तृत मूल्यांकन किया।टीमों का मूल्यांकन विचार की नवीनता एवं विशिष्टता, समस्या की प्रासंगिकता ,तकनीकी व्यवहार्यता विस्तार की संभावनाओं.संभावित प्रभाव.स्थिरता.,बाजार की संभावनाओं तथा उद्यमशीलता की क्षमत सहित विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया।उद्योग एवं अकादमिक क्षतर के अनुभवी विशेषशें की भागीदारी ने हैकाथॉन की मूल्यांकन प्रक्रिया को व्यापक,पारदर्शी एवं बहुआयामी बनाया।प्रस्तुतियों,विशेषज्ञ मूल्यांकन.स्क्रीनिंग एवं विस्तृत परीक्षण की प्रक्रिया के उपरांत कुल 70प्रतिभागी टीमों में से 35टीमों को शिवालिक विश्वविद्यालय द्वारा एमएसएमई भारत सरकार की अंतिम स्वीकृति हेत अनुशंसित किया गया है।यह उपलब्धि हैकाथॉन में प्रस्तुत किए गए नवाचारों की गुणवत्ता,विविधता एवं संभावनाओं को दर्शाती है तथा शिवालिक विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे मजबूत नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को भी प्रदर्शित करती है।इस अवसर पर अजय वर्मा,एसोसिएट डीन, शिवालिक विश्विविद्यालय ने सभी प्रतिभागी टीमो को बधाई दते हए कहा अपने विचारों को व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया है।70टीमों की भागीदारी और उनमें से 35टीमों का एमएसएमई भारत सरकार की अंतिम स्वीकृति हेत् अनशसित होना एक महत्वपर्ण उपलब्धि है।क्षितिज जेन एवं उद्योग तथा अकादमिक स्तर के ।4 अन्य का योगदान प्रतिभागी टीमों के विशेषज मूल्यांकन में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।सीबीआई का उदेश्य केवल नए विचारों को प्रोत्साहित करना ही नहीं,बल्कि उन्हें निरंतर मेंटरशिप,इन्क्यूबेशन,तकनीकी सहयोग एवं व्यावसायीकरण के अवसर प्रदान करना भी है।डॉ.सुरमधुर पंत,डीन एकेडमिक्स,शिवालिक विश्वविद्यालय ने अकादमिक शिक्षा को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा एमएसएमई हैकाथॉन 6.0शिवालिक विश्वविद्यालय के नवाचारःउन्मुख अकादमिक वातावरण विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों एवं युवा उद्यमियों को अपने ज्ञान का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान तथा ऐसे समाधान विकसित करने का अवसर देते हैं,जिनका सामाजिक एवं आर्थिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।अजय कुमार,प्रेसिडेंट.शिवालिक विश्विविद्यालय ने(सभी प्रतिभागी टीमों,निर्णायकों,मेंटर्स शिक्षकों एवं आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा,नवाचार एक विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रमख आधारों में से एक है।शिवालिक विश्वविद्यालय यवा प्रतिभाओ को नवाचार करने,नए समाधान विकसित करने तथा उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक वातावरण संसाधन एवं अवसर उपल्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।शिवालिक विश्विविद्यालय भविष्य में भी अपने इन्क्यूबेशन एवं नवाचार तंत्र को और मजबूत करते हुए प्रतिभाशाली विचारों को बाजार एवं सफतल उच्चतम स्तर तक पहंुचाने के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा।तीन दिवसीय इस आयोजन का समापन सभी प्रतिभागी टीमों,निर्णायकों,मेंटर्स,शिक्षकों एवं आयोजन टीम के प्रति आभार एवं प्रशंसा के साथ हुआ।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *