मॉस्को ,06 फरवरी । रूस की राजधानी मॉस्को में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक बेहद हाई-प्रोफाइल हमले को अंजाम दिया गया है। रूसी मिलिट्री इंटेलिजेंस (त्रक्र) के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को एक अज्ञात हमलावर ने गोलियों से भून दिया है। जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जनरल अलेक्सेयेव को कई गोलियां लगी हैं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान देश की खुफिया एजेंसी के शीर्ष अधिकारी पर हुए इस हमले ने क्रेमलिन तक हड़कंप मचा दिया है।
अपार्टमेंट की लिफ्ट के पास किया गया हमला
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर ने जनरल अलेक्सेयेव की रेकी की थी और उनके घर के पास घात लगाकर बैठा था। यह जानलेवा हमला उनके अपार्टमेंट भवन के लिफ्ट हॉल या प्रवेश द्वार के पास हुआ। सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने उन्हें बेहद करीब से निशाना बनाया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनकी पीठ में 3 गोलियां मारी गईं, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में 6 गोलियों का जिक्र है। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। घटनास्थल पर पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने डेरा डाल दिया है और सबूत जुटाए जा रहे हैं। कुछ अफवाहें ऐसी भी हैं कि हमलावर एक महिला हो सकती है, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
‘हीरो ऑफ रशिया और वैगनर विद्रोह में निभाई थी अहम भूमिका
लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव रूसी सैन्य खुफिया तंत्र के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक माने जाते हैं। वह 2011 से मिलिट्री इंटेलिजेंस के पहले डिप्टी हेड के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी सेवाओं और कई सफल अभियानों के लिए उन्हें 2017 में रूस के सर्वोच्च सम्मान ‘हीरो ऑफ रशिया से भी नवाजा जा चुका है। उनकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2023 में जब वैगनर ग्रुप ने बगावत की थी, तब अलेक्सेयेव ने ही वैगनर लड़ाकों से विद्रोह खत्म करने की अपील की थी। वह खुफिया और विशेष सैन्य अभियानों (स्श्चद्गष्द्बड्डद्य ह्रश्चह्य) से सीधे जुड़े रहे हैं।
युद्ध के बीच रूस के लिए बड़ा झटका
यूक्रेन युद्ध के बीच मॉस्को के दिल में इतने बड़े अधिकारी पर हमला होना रूसी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा झटका और चुनौती है। इसे रूसी अभियानों को अस्थिर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल किसी भी संगठन या व्यक्ति ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पेट्रेंको ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस हमले के पीछे कौन हो सकता है, लेकिन रूसी अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए दोषियों को पाताल से भी खोज निकालने का वादा किया है।

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