डा० एम ए तोमर
खतौली (मुजफ्फरनगर)। कड़ी मेहनत और संघर्ष की मिसाल पेश करते हुए पुरबालियान गांव के मेहताब अली ने सिपाही बनकर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया बल्कि अपने पिता के वर्षों के त्याग को भी सार्थक कर दिखाया।पासिंग आउट परेड के दौरान जब मेहताब खाकी वर्दी में अपने माता-पिता के सामने पहुंचे तो भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा और वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।मेहताब अली ने बचपन से ही अपने पिता अलीशेर को मजदूरी करते हुए देखा। कड़ाके की ठंड हो या तपती धूप,पिता ने कभी हालात के आगे हार नहीं मानी और अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए दिन-रात मेहनत की।इसी संघर्ष ने मेहताब को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
सरकारी स्कूलों से शिक्षा प्राप्त करने वाले मेहताब ने हाईस्कूल से ही विज्ञान विषय में रुचि दिखाई।उन्होंने बीएससी के बाद केमिस्ट्री में एमएससी की डिग्री हासिल की।पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक फार्मा कंपनी में नौकरी भी की लेकिन उनका लक्ष्य सरकारी सेवा में जाना था जिसे उन्होंने आखिरकार हासिल कर लिया।मेहताब कहते हैं कि उनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता का संघर्ष सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है।अब उनका अगला लक्ष्य अपने दोनों छोटे भाइयों को अच्छी शिक्षा दिलाना है।उन्होंने अपने पिता से मजदूरी छोड़कर आराम करने को भी कह दिया है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मेहताब अली की पहली तैनाती बदायूं जनपद के उघैती थाने में हुई है।इस मौके पर पिता अलीशेर,माता और दोनों भाइयों की आंखों में खुशी के आंसू इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह सफलता पूरे परिवार के संघर्षों की जीत है।
