हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा एक दिवसीय विज्ञान गतिविधि कार्यक्रम ने शोधार्थियों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को नई ऊर्जा प्रदान की।यह कार्यक्रम राष्ट्रीय नवाचार प्रतिष्ठान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,गुरुग्राम के सहयोग से संपन्न हुआ।कार्यक्रम में 80से अधिक विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया।कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रेरणादायक भाग रहा राष्ट्रीय नवाचार प्रतिष्ठान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग,गुरुग्राम की प्रतिनिधि डॉ.गरिमा चौधरी और दीप्ति जगूरी के साथ इंटरैक्टिव सत्र।इस दौरान विद्यार्थियों ने न केवल अपने प्रश्न पूछे,बल्कि नवाचार की वास्तविक प्रक्रिया को समझने का अवसर भी प्राप्त किया।डॉ.गरिमा चौधरी और दीप्ति जगूरी ने जमीनी स्तर के शोध,पेटेंट, बौद्धिक संपदा अधिकार तथा नए और अभिनव विचारों को कैसे विकसित किया जाए,इस पर विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि किस प्रकार नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन और डी.एस.टी.नवाचारी विचारों को पहचान कर उन्हें इनक्यूबेशन,तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान करते हैं।इस जानकारी ने विद्यार्थियों को अपने शोध को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में प्रेरित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मुकेश कुमार ने कहा कि इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।उन्होंने बताया कि ऐसे प्लेटफॉर्म शोधार्थियों को अपने आइडिया को इनक्यूबेट करने,उन्हें स्टार्टअप में बदलने और समाजोपयोगी बनाने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-1 के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.विनीत कुमार विश्नोई ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए समाज के उत्थान में राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समन्वय डॉ.कल्पना सागर द्वारा किया गया।इस अवसर पर डॉ.संदीप कुमार और डॉ.चिरंजीव बनर्जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक अनुभव बताया तथा भविष्य में ऐसे और आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।
