हरिद्वार। मुख्यमंत्री के स्नान तिथीयों की घोषणा करने के साथ ही कुंभ मेला प्रशासन ने मेले की तैयारियां तेज कर दी हैं। मेलाधिकारी सोनिका ने लोक निर्माण विभाग,सिंचाई विभाग, पेयजल निगम,जल संस्थान तथा अन्य विभागों की बैठक में मेले के दौरान होने वाले निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए।मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा बहादराबाद सिडकुल 4 लेन मार्ग को भेल बैरियर संख्या 6 से शिलालिक नगर चौक तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 334 पर पंतद्वीप से फेरूपुर तक डबल लेन और सुधार कार्य शीघ्र शुरू होगा।ज्वालापुर से ईदगाह होते हुए शिलालिकनगर तक मार्ग पर पथरी रोह नदी पर 60मीटर स्पान का प्रीस्ट्रेस्ड आर्च पुल भी निर्माणाधीन है। सिंचाई विभाग द्वारा पथरी रौ नदी के डाउन स्ट्रीम में पुरानी गंगनहर पर 90 मीटर स्पान के पुल का निर्माण दिसंबर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सिंहद्वार से काशीपुर तक,ऋषिकुल से साक्षी सतनाम घाट तथा अमरापुर घाट से तुलसी घाट तक कई घाटों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। एस्केप चौनल पर नए घाट विकसित किए जा रहे हैं,जिससे श्रद्धालुओं के आगमन के दौरान भीड़ प्रबंधन सुदृढ़ होगा।कुंभ मेला क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुधारने के उद्देश्य से पेयजल निगम ने बैरागी कैंप में 1500किलोलीटर ऊंचे जलाशय,दो नलकूप और पंप हाउस निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।लालजीवाला,दक्षिणी हरिद्वार तथा गोसाईं मोहल्ला क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन और हाउसिंग कार्य चल रहे हैं। उत्तराखंड जल संस्थान ने प्राथमिक विद्यालय पावनधाम और श्यामलोक क्षेत्र में नलकूप एवं संबंधित कार्य शुरू कर दिए हैं। इन परियोजनाओं को छह माह में पूरा करने का लक्ष्य है। कुंभ मेला प्रशासनिक नियंत्रण भवन,सीसीआर-2 भवन,रेलवे फीडर मार्ग सुधार तथा रोशनाबाद पुलिस लाइन में महिला बैरक निर्माण से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं।कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए सीसीआर क्षेत्र में वीआईपी घाट,सुखी नदी क्षेत्र में ब्रिज निर्माण और मल्टी लेवल पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं।देवपुरा,मायापुर और अपर रोड क्षेत्र में उपयुक्त स्थानों पर पार्किंग व वेलकम गेट साइन लगाने की कार्यवाही भी प्रगति पर है। मेला अधिकारी सोनिका ने स्पष्ट किया कि कुंभ से पूर्व सभी प्रमुख सड़कों, पुलों और घाटों का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा। अधिकारियों को नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं,ताकि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
