जिलाधिकारी ने जीवन के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर दिया जोर
देहरादून।नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एनकॉर्ड के तहत ‘आह्वान जागरूकता, संकल्प और नशामुक्त भविष्य’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उनमें व्यक्तिगत जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा नशामुक्त भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि तात्कालिक आनंद और दूसरों पर प्रभाव स्थापित करने की चाह में युवा कई बार नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि युवा अपनी इच्छाओं और निर्णयों के प्रति सचेत रहें तथा अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता दें। जिलाधिकारी ने प्रकृति के सिद्धांत ‘ेनतअपअंस व िजीम पिजजमेज’ यानी योग्यतम की उत्तरजीविता का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम होना जरूरी है।उन्होंने युवाओं को सचेत जीवनशैली अपनाने, आत्मानुशासन बनाए रखने और अपनी क्षमताओं का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।जिलाधिकारी ने जीवन के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने निर्णयों और आदतों के प्रति सचेत रहना चाहिए। व्यक्ति अपने जीवन में क्या चुनता है और किन चीजों से दूर रहता है,इसका उसके भविष्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवावस्था में लिए गए निर्णय और अपनाई गई आदतें जीवन की दिशा तय करती हैं।इसलिए युवाओं को तात्कालिक सुख और आकर्षण के बजाय अपने स्वास्थ्य,शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देते हुए नशे से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)स्मृता परमार ने विद्यार्थियों को एनकॉर्ड (छब्व्त्क्) की संरचना,कार्यप्रणाली,उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा नशामुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया।कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त भारत अभियान के तहत हजारों विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।‘आह्वान’के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूकता को व्यवहार में लाने और नशामुक्त भविष्य के निर्माण में व्यक्तिगत एवं सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
