हरिद्वार। बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम के आवाहन पर बामसेफ के आफसूट संगठनों भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इक्विटी रेगुलेशन यूजीसी बिल लागू करने,ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने,2011 में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने आदि मांगों को लेकर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शन के दौरान भंवर सिंह,भानपाल सिंह रवि एवं राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि 1931-32 के बाद से अभी तक ओबीसी समाज की जाति आधारित जनगणना नहीं की गई है।जिससे ओबीसी समाज को भागीदारी का जो लाभ मिलना चाहिए था।वह नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में माननीय न्यायालय के आदेश पर एससी,एसटी और ओेबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव से बचाने और भेदभाव पर कार्रवाई के लिए भारत सरकार द्वारा इक्वलिटी रेगुलेशन यूजीसी बिल लागू किया गया था।लेकिन मनुवादी सोच रखने वाले कुछ मुट्ठी भर लोगों द्वारा यूजीसी बिल का विरोध किया गया और उच्चतम न्यायालय में वाद दायर कर यूजीसी कानून पर स्टे करा दिया गया।जिसको लेकर पूरे देश में एससी एसटी ओबीसी माइनॉरिटी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर इक्विटी रेगुलेशन यूजीसी बिल लागू करने,ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने,2011 में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग की गयी।उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी रहेगा।प्रदर्शन और ज्ञापन प्रेषित करने वालों में महिपाल सिंह,नरेश कुमार,जीवन सिंह,सत्यपाल शास्त्री,मनोज कुमार बरछियाल,नसीर अहमद ,जयपाल सिंह,मनजीत सिंह,अशोक कुमार कटारिया,कुंवर पाल,रफल सिंह कटारिया,राहुल कुमार,सुरेंद्र कुमार,डा.राजकुमार,मास्टर फूल सिंह,सत्यपाल सिंह,राजाराम प्रजापति,शशीकांत सैनी,श्यामसुंदर प्रधान,रमेशचंद,जगपाल सिंह,सलेक्चंद,राजेश खैरवाल,अजय कुमार लोहट, जितेंद्र तेश्वर,एडवोकेट संजय मूलनिवासी,एडवोकेट रूपचंद आजाद,जॉनी कुमार,श्याम सिंह, एडवोकेट रेनू सिंह,संजय कुमार,कन्हैया,बबीता,शशीकांत सैनी,संजय कुमार सैनी,सुरेश कुमार ,कुलदीप,कमल सिंह,आरती,दीपा,बबीता पवार, कमलजीत आदि शामिल रहे।
